भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयकर से पूर्ण छूट प्रदान किए जाने की मांग को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बजट-पूर्व ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव की ओर से प्रेषित किया गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय एवं भारत सरकार के वित्त सचिव को भी भेजी गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि देश के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने संपूर्ण सेवाकाल में राष्ट्र निर्माण, प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात उनकी आय का मुख्य एवं लगभग एकमात्र स्रोत पेंशन होती है, जिसे नियमित वेतन के समकक्ष नहीं माना जा सकता।
राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती महँगाई, चिकित्सा व्यय तथा दैनिक आवश्यकताओं की लागत ने पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति को अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना दिया है। वृद्धावस्था में स्वास्थ्य संबंधी खर्च बढ़ जाते हैं, जबकि आय सीमित और स्थिर रहती है। ऐसे में पेंशन पर आयकर लगाया जाना पेंशनर्स पर अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक बोझ डालता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेंशन कोई अनुदान या अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि सेवाकाल में अर्जित अधिकार एवं सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। अतः इसे कर योग्य आय के स्थान पर सामाजिक सुरक्षा की श्रेणी में रखा जाना अधिक न्यायसंगत होगा।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी केंद्रीय बजट में सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयकर से पूर्ण छूट प्रदान किए जाने का स्पष्ट प्रावधान किया जाए, जिससे देश के करोड़ों पेंशनर्स को आर्थिक राहत एवं सम्मानजनक जीवन यापन का अवसर मिल सके।

