प्रदेश संयुक्त सचिव दीपक आरदे ने बताया कैसे स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण सहित जिला की खाद्य विभाग गहरी नींद में सोई,- तारेंद्र चंद्राकर प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग)
प्रशासन दोषियों पर जल्दी करे कार्यवाही नहीं तो होगा चक्काजाम प्रदर्शन और साथ ही खाद्य मंत्री का पुतला दहन – पंकज जैन(जिला मीडिया प्रभारी)
बालोद – आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सदन में देश में खाने में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता जा रहा है। आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कंपनियों पर सेहतमंद और एनर्जी बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक उत्पाद बेचने का आरोप लगाया।
इसी मामले को लेकर आम आदमी पार्टी बालोद द्वारा भी ज्ञापन सौंपा गया,जिसमें मांग की गई कि खाद्य पदार्थों की जांच हो,मैन्युफैक्चरर फैक्ट्री,राइस मिल,बड़े स्टोर्स सहित सभी जगह खाद्य पदार्थों से मिलावट से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्यवाही हो और आम जनता के साथ स्वास्थ के साथ खिलवाड़ न हो।
आम आदमी पार्टी प्रदेश सयुक्त सचिव दीपक आरदे ने विस्तार से बताया कि कैसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों में खतरनाक पदार्थ मिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूध खरीदिए, उसमें यूरिया मिलता है, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन है, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा होता है, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर मिलता है, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग होते हैं, खाने के तेल में मशीन का तेल मिलाया जाता है, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा होता है, चाय में सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक कि देशी घी में जो मिठाइयां बनानी चाहिए, वो भी वनस्पति तेल और डालडा से बनाया जाता है।
आप नेता प्रदेश सयुक्त सचिव दीपक आरदे ने बताया कि 2014-15 और 2025-26 के बीच जितने भी सैंपल की जांच हुई, उनमें से 25 प्रतिशत सैंपल में मिलावट पाई गई, जिसका मतलब है कि हर चार में से एक सैंपल में मिलावट पाई गई।

प्रदेश अध्यक्ष किसान विंग तारेंद्र चंद्राकर ने बताया कि एक मां अपने बच्चे को दूध का गिलास देती है, ये सोचकर कि उसके सेहत के लिए कैल्शियम और प्रोटीन मिलेगा और मेरा बच्चा दुरुस्त बनेगा। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि वह अपने बच्चे को यूरिया और डिटर्जेंट मिला हुआ दूध पिला रही है। उन्होंने एक रिसर्च स्टडी का हवाला दिया, जिसमें दिखाया गया कि दूध के सैंपल में 71 प्रतिशत यूरिया और 64 प्रतिशत में न्यूट्रलाइजर जैसे सोडियम बाइकार्बोनेट पाए गए।
देश में दूध का इतना उत्पादन नहीं है, जितना बेचा जा रहा है। सब्जियां जिन्हें हम सेहत का खजाना समझकर खरीदते हैं, उनमें ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाकर फ्रेश करके बेचा जाता है। ऑक्सीटोसिन वह खतरनाक केमिकल है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, हार्ट फेलियर, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं।
आप वरिष्ठ नेता जिला अध्यक्ष बालोद बालक साहू जी ने कहा कि जो प्रोडक्ट भारत में बनते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हो गए हैं, दो बड़ी भारतीय मसाला कंपनियों के उत्पादों पर कैंसर पैदा करने वाले कीटनाशकों के कारण यूके और पूरे यूरोप में बैन लगा दिया गया था, फिर भी वही उत्पाद भारत में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्होंने दुख जताया कि जो चीजें विदेशों में पालतू जानवरों के लिए भी ठीक नहीं हैं, उनका यहां बिना सोचे-समझे सेवन किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के युवा नेता पंकज जैन(जिला मीडिया प्रभारी) ने मांग करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थो,मिठाइयों पनीरो एवं बाजार में बिक रहे रंगों की जांच हो,दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो, साथ ही आम नाकारिकों की स्वास्थ की चिंता करते हुए प्रशासन सक्रियता एवं जिम्मेदारी से कार्यवाही करे,जल्द से जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी चक्काजाम कर आंदोलन करेगी साथ ही खाद्य मंत्री का पुतला दहन करेगी।

