बिलासपुर — फागुन में खेली जाने वाली होली के अनेक रंग है होली में जहां हुड़दंग और छीना-झपटी होती है ठीक इसके विपरीत देवरी खुर्द में टाटा सांई गली में अनोखी होली खेली गई यहां होली का त्योहार मनाने सब एकजुट तो हुते लेकिन इससे पहले त्योहार में शामिल होने आये सभी बुजुर्गों को बैठा कर बच्चों द्वारा सभी को तिलक लगाया गया और इसके पश्चात बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त कर होली खेलने का

कार्यक्रम शुरू किया गया कार्यक्रम में शामिल होने आये बी पी सिंह ने कहा कि सभी को एकजुट कर एक ही छत के नीचे होली खेलना सराहनीय है बी पी सिंह ने कालोनी वासियों को होली की शुभकामनाएं दी इसके पश्चात सांई राम टाटा जी ने भी सभी को होली की बधाई दी होली के इस कार्यक्रम में बच्चों को होली खेलने के पीछे की कहानी, होलिका और भक्त प्रहलाद का संदेश और राजा हिरण्यकश्यप के बारे में विस्तार से जानकारी एस पी सिंह ने दी साथ ही एस पी सिंह ने कहा कि त्योहार हमारी सनातन संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे ले कर जाते हैं इसलिए बच्चों को हर त्योहार की जानकारी अवश्य सांझा करें होली में सभी ने पानी की समस्या को देखते हुए केवल गुलाल की होली खेली और पानी व्यर्थ बर्बाद न करने का संदेश दिया इसके बाद सभी बच्चों, बड़ों, बुजुर्गों और महिलाओं ने अबीर गुलाल की होली खेली कालोनी वासियों ने आगे भी हर त्योहार बच्चों एवं बड़ों के साथ मनाने की बात कही इस दौरान सभी ने पारंपरिक पकवान गुजिया का आनंद लिया


