पेंशन एरियर का शीघ्र भुगतान हो, विलंब पर 8% ब्याज सुनिश्चित किया जाए.2% डीआर आदेश जारी करने की मांग

Bilaspur —छत्तीसगढ़ में पेंशनरों के एरियर भुगतान को लेकर स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने बैंकों द्वारा हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे पेंशनरों के हितों के प्रतिकूल बताया है।

प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि 8 अप्रैल 2026 को शासन द्वारा जनवरी 2026 से 3% डीआर देने का आदेश जारी किया गया था, किंतु अधिकांश बैंकों द्वारा अब तक एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने इसे प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बताते हुए कहा कि इससे पेंशनरों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 13 अप्रैल को ही एरियर भुगतान कर सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक सहित अन्य बैंकों के पेंशनरों को अभी भी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।

महासंघ ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पेंशन या एरियर भुगतान में देरी होने पर संबंधित बैंक को 8% वार्षिक ब्याज देना अनिवार्य है तथा यह भुगतान स्वतः किया जाना चाहिए।
महासंघ ने शासन से अनुरोध किया है कि
सभी बैंकों को निर्देशित कर 3% डीआर एरियर का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
देरी की अवधि का 8% वार्षिक ब्याज पेंशनरों को प्रदान किया जाए।
लापरवाही बरतने वाले बैंकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

साथ ही महासंघ ने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 2% डीआर (जनवरी 2026 से) का आदेश छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शीघ्र जारी किया जाए, ताकि पेंशनरों को समय पर उनका लाभ मिल सके।

इस विषय पर महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे. पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री टी. पी. सिंह, अरुण तिवारी तथा संभागीय अध्यक्ष क्रमशः बी. एल. गजपाल (दुर्ग), आर एन ताटी ( बस्तर)शैलेन्द्र सिन्हा (रायपुर), राजेन्द्र कश्यप (बिलासपुर), गुरुचरण सिंह (सरगुजा) ने भी सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई है।

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