वनवासी विकास समिति द्वारा ग्रीष्मकालीन शिक्षा वर्ग शुरू, जनजाति बच्चों को मिल रही स्वच्छता से लेकर व्यक्तित्व विकास तक की विशेष ट्रेनिंग


बिलासपुर — छत्तीसगढ़ में वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन शिक्षा वर्ग इन दिनों जनजातीय बच्चों के लिए ज्ञान, अनुशासन और स्वच्छता का अनूठा केंद्र बन गया है। यह प्रशिक्षण वर्ग विशेष रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जहाँ उन्हें रोज़ाना नई-नई गतिविधियाँ सिखाई जा रही हैं।
इस शिक्षा वर्ग में प्रतिदिन हाथ धोने का साबुन, नहाने का साबुन तथा व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण अभ्यास कराए जा रहे हैं, ताकि बच्चे साफ–सफाई के महत्व को समझ सकें और इसे अपनी आदत का हिस्सा बना सकें।

इस शिक्षक वर्ग में डी विनीता राव द्वारा हर्बल साबुन जिसमें नहाने का एवं हाथ धोने का साबुन बनाना जनजाति बच्चों को सिखाया गया साथ ही रेखा गुल्ला द्वारा बच्चों के शारीरिक विकास हेतु कुर्सी दौड़ का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम द्वितीय एवं तृतीय आने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया

इसके साथ ही विद्यार्थियों के उत्साह और ऊर्जा को ध्यान में रखते हुए खेलकूद गतिविधियाँ, योग–व्यायाम, मानसिक विकास के अभ्यास, तथा नई–नई सीखने योग्य जानकारियाँ भी प्रदान की जा रही हैं। प्रशिक्षक बच्चों को अनुशासन, समय प्रबंधन, समूह में कार्य करना और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसी मूलभूत शिक्षाएँ भी दे रहे हैं।
समिति के सदस्यों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों को ज्ञान देते हैं बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक नागरिक बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

इस ग्रीष्मकालीन शिक्षा वर्ग ने जनजातीय बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और सीखने का नया उत्साह भर दिया है।

इस पूरे कार्यक्रम में डी विनीता राव, आरती दांडेकर,रेखा गुल्ला, उज्ज्वला शिंदे, शशि, रेनू, गीता एवं कमला का सहयोग प्राप्त हुआ

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