मुस्कुराती बेटियां, खुशहाल छत्तीसगढ़ – रानी दुर्गावती योजना ने खोले सशक्तीकरण के नए द्वार”


बिलासपुर — छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बेटियों के सशक्तीकरण और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को नई गति देने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। ‘‘मुस्कुराती बेटियां, खुशहाल छत्तीसगढ़’’ के संकल्प को मजबूत करते हुए रानी दुर्गावती योजना का लाभ अब प्रदेशभर की हजारों बेटियों तक पहुँच रहा है।
रानी दुर्गावती योजना : बेटियों के सशक्त भविष्य का आधार
छत्तीसगढ़ सरकार ने बेटियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए रानी दुर्गावती योजना लागू की है।
इस योजना के तहत—
प्रदेश की बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये की एकमुश्त मुफ्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
यह सहायता बेटियों की उच्च शिक्षा, कौशल विकास, व्यवसाय और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती प्रदान कर ‘‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’’ के संदेश को वास्तविक रूप देना है।
इस कदम से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की बेटियों को समान अवसर मिले हैं और परिवारों में बेटियों के प्रति सकारात्मक माहौल तेजी से विकसित हो रहा है।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम
राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे पर स्पष्ट दिखाई देगा।
रायपुर मेडिकल सुविधाओं का उन्नयन
राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को अत्याधुनिक बनाने के लिए—नए सुपर स्पेशियलिटी विंग,आधुनिक उपचार उपकरणों की स्थापना,डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की संख्या में वृद्धि,जैसी सुविधाएँ तेजी से विकसित की जा रही हैं। इससे रायपुर पूरे प्रदेश के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य हब के रूप में उभर रहा है।

सिम्स बिलासपुर और महेंद्रगढ़ में विस्तार
सिम्स बिलासपुर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है,आपातकालीन सेवाओं, कैंसर उपचार और हृदय रोग विभाग को सशक्त किया जा रहा है।
वहीं, महेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य अवसंरचना का उन्नयन ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यहाँ नए वार्ड, डायग्नोस्टिक सुविधाएँ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हुई हैं।
राज्य के पिछड़े और दूरस्थ जिलों को भी स्वास्थ्य सुविधा एवं मेडिकल शिक्षा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गीदम और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज
सरकार ने इन चार जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
इन कॉलेजों से—प्रदेश में MBBS सीटों में बढ़ोतरी होगी,
ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी,
स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही मेडिकल शिक्षा मिलेगी,
स्वास्थ्य सुविधाएँ गाँव-गाँव तक और मजबूत होंगी।
कुनकुरी और जांजगीर-चांपा जैसे क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से सरगुजा और मध्य छत्तीसगढ़ के आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे लाभ मिलेगा।
रानी दुर्गावती योजना से बेटियों को आर्थिक सुरक्षा तो मिल ही रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से ‘‘स्वस्थ छत्तीसगढ़, सशक्त छत्तीसगढ़’’ का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है,बेटियों की मुस्कान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ—दोनों मिलकर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रही हैं।

इन सभी बातों के लिए और राज्य के बेहतर विकास के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी अभिषेक घोरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद कहा

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