अबूझमाड़ में बदला माहौल: जहां गूंजती थीं गोलियां, अब सुनाई देती हैं स्कूल की घंटियां


Abujhmad में विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। कभी दुर्गम और संघर्षग्रस्त माना जाने वाला यह क्षेत्र आज शिक्षा और डिजिटल प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल एजुकेशन का नया हब बन रहा अबूझमाड़
अबूझमाड़ को शिक्षा के डिजिटल लाइफ मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

87222 अधिकारी और कर्मचारी अब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े हैं।
546,903 विद्यार्थियों को लाभ पहुँचाने वाली 52 डिजिटल इकाइयों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
यह डिजिटल कनेक्टिविटी क्षेत्र के बच्चों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच दूरी को तेजी से कम कर रही है। अब स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन सामग्री और ई-लर्निंग के नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं।
जहां कभी असुरक्षा थी, अब शिक्षा का उजाला है
कभी जिस जगह गोलियों की आवाज़ से दहशत का माहौल बनता था, वहीं आज बच्चों की स्कूल की घंटियां, खेलकूद की आवाज़ें और पढ़ने-लिखने का उत्साह सुनाई देता है।
गांव-गांव में शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए नए स्कूल, ट्रांज़िट हॉस्टल और डिजिटल लैब स्थापित किए जा रहे हैं।
इलाके में प्रशासनिक पहुंच मजबूत होने से बच्चों, युवाओं और समुदाय में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना है।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से बेहतर भविष्य की नींव
डिजिटल कक्षाओं और ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था ने अबूझमाड़ की शिक्षा व्यवस्था को नई उड़ान दी है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण, उपस्थिति और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता अब डिजिटल माध्यम से सुचारू रूप से हो रही है।
विद्यार्थी तकनीक से जुड़कर आधुनिक शिक्षा का अनुभव ले रहे हैं।

अबूझमाड़ में यह परिवर्तन सिर्फ विकास नहीं, बल्कि उम्मीद की नई सुबह है। जहां कभी संघर्ष की छाया थी, आज वहां डिजिटल शिक्षा का उजाला फैल रहा है। बच्चों के सपनों को पंख देने की यह पहल आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देगी।

इन सभी बातों के लिए और राज्य में बेहतर विकास के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी अभिषेक घोरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद कहा

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