14 वर्ष पश्चात दुर्लभ संयोग में सोमवती अमावस्या पर 33 जोड़ा ब्राह्मणों का लक्ष्मी नारायण मंदिर में भोज का आयोजन

प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, बिलासपुर में भगवान श्री हरि को अत्यंत प्रिय पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के पावन अवसर पर संपूर्ण माह भर विविध धार्मिक अनुष्ठानों, अभिषेक, सहस्त्रनाम अर्चना, पूजन एवं भक्तिमय कार्यक्रम भगवान की असीम कृपा से अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ सम्पन्न हो रहे हैं।

प्रतिदिन भगवान श्री लक्ष्मी नारायण जी का दिव्य अभिषेक, 108 पुरुषसूक्त एवं श्रीसूक्त पाठ, 1008 नामों से सहस्त्रार्चन तथा विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

दिनांक 14 जून 2026, रविवार को मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। समस्त भक्तों ने भगवान श्री लक्ष्मी नारायण से सुख, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की मंगलकामना की।

इसी क्रम में दिनांक 15 जून 2026, सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर 33 जोड़ा ब्राह्मणों का पूज्यनीय ब्राह्मण भोज आयोजित किया जाएगा। यह पावन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग लगभग 14 वर्षों पश्चात प्राप्त हो रहा है, जिसका सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया गया है।

अधिक मास एवं सोमवती अमावस्या के इस पुण्य अवसर पर स्नान, दान, जप, तप एवं पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है। मंदिर परिवार द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से इस दिव्य अवसर पर उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने का विनम्र आग्रह किया गया है।

📍 स्थान :
प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर
CIMS Hospital Chowk, बिलासपुर

— श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिवार, बिलासपुर ॥

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