देवर्षि नारद जयंती पर पत्रकारिता के आदर्शों एवं राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर हुआ मंथन

बिलासपुर, 14 जून 2026। विश्व संवाद केंद्र, छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा देवर्षि नारद जयंती के पावन अवसर पर बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, कोनी, बिलासपुर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे प्रख्यात राष्ट्रीय पत्रकार एवं मुख्य वक्ता डॉ. हर्षवर्धन त्रिपाठी ने पत्रकारिता, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक चेतना तथा भारत के विकसित राष्ट्र बनने की संभावनाओं पर विस्तृत उद्बोधन दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, अध्यक्षता बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. रामकृष्ण कश्यप एवं समाजसेवी श्री महेंद्र जैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन विश्व संवाद केंद्र, छत्तीसगढ़ प्रांत एवं प्रचार विभाग बिलासपुर द्वारा किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि देवर्षि नारद भारतीय संस्कृति में संवाद, सत्य और लोककल्याण के प्रतीक हैं। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य भी समाज को सत्य से अवगत कराना तथा जनमानस में जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार को किसी व्यक्ति, दल अथवा समूह के हित-अहित से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए।

डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर तेजी से उभरती हुई शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और निकट भविष्य में तीसरे स्थान पर पहुंचने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा तकनीकी विकास ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।

उन्होंने कहा कि देश में सड़कों, रेलमार्गों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों तथा डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र विश्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है तथा देश में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि वैश्विक उत्पादन केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्य वक्ता ने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व केवल घटनाओं का विवरण देना नहीं है, बल्कि समाज को सही परिप्रेक्ष्य प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार को तथ्यों की जांच-परख कर निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी समाज तक पहुंचानी चाहिए। समाज को तोड़ने वाली प्रवृत्तियों से बचते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना पत्रकारिता का मूल धर्म है।

डॉ. त्रिपाठी ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरिक्ष, रक्षा, डिजिटल तकनीक तथा सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा आने वाले वर्षों में विश्व की प्रमुख आर्थिक एवं तकनीकी शक्ति बनने की क्षमता रखता है।

उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं होगा, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। पत्रकारिता, शिक्षा, उद्योग, कृषि और सामाजिक संगठनों को मिलकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में योगदान देना होगा। समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करना तथा देश की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देवर्षि नारद के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सत्य, संवाद और लोककल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विश्व संवाद केंद्र के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में पत्रकार, प्रबुद्ध नागरिक, विद्यार्थी एवं सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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