वाह रे शिक्षा विभाग:-संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज ने निलंबित शिक्षक को किया बहाल, निलंबित शिक्षक भोला देव को महिला शिक्षिका के साथ अभद्रता एवं आपत्तिजनक मैसेज भेजने पर किया गया था निलंबित

बिलासपुर —मूल्यांकन के दौरान स्ट्रांग रूम प्रभारी से अभद्रता करने एवं प्रक्रिया को बाधित करने तथा महिला शिक्षिका को आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षक को संयुक्त संचालक बिलासपुर अश्विनी भारद्वाज ने निलंबन से बहाल करते हुए नगरी क्षेत्र में पदस्थ कर उसे और उपकृत कर दिया है। शिक्षा विभाग में इस पदस्थापना की चर्चा जमकर है। शिक्षा विभाग में जो भी हो जाए वह कम है। विभाग के नित्य नए-नए चर्चे आम हो रहे हैं। अधिकारी खामोश होकर काम करने में लगे हुए हैं, और ऐसे काम से शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। शिक्षकों के साथ-साथ आम जनों में भी जमकर कार्यप्रणाली की चर्चा है। वैसे ही संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज प्रभार पर हैं और उनके द्वारा एक निलंबित शिक्षक को बहाल करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहा है। पूर्व माध्यमिक शाला पदमपुर में पदस्थ शिक्षक भोला देव ध्रुव को अप्रैल में दशरंगपुर में मूल्यांकन एवं स्ट्रांग रूम प्रभारी के साथ अभद्रता एवं प्रक्रिया को बाधित करने तथा एक महिला व्याख्याता को व्हाट्सएप के माध्यम से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित चैट करने के आरोप में निलंबित किया गया था। जिसमें जांच में सही भी पाया गया और इस जांच में शिक्षक का एक वेतन विधि भी रोका गया। लेकिन बहाली में जे डी ने दरिया दिली दिखाते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा बिलासपुर अश्वनी भारद्वाज ने भोलादेव जो ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ था उसे तखतपुर नगर के स्कूल में पद स्थापना दे दिया है और इस पद स्थापना से शिक्षा विभाग में भी गहरी नाराजगी है। विदित हो की लगभग एक वर्ष पूर्व भोला देव ध्रुव को निगार बंद मिडिल स्कूल मैं पदस्थ प्रधान पाठक के साथ गाली गलौज कर मारपीट करने एवं लगातार अनुपस्थित होने के कारण निलंबित किया गया था। तब इसकी पदस्थापना पदमपुर में की गई थी। अब वापस एक महीना के ही जांच के अंदर उस आरोपीय शिक्षक को फिर से तखतपुर में वापस लाते हुए बीच शहर में पदस्थ कर दिया है। जबकि शिक्षक के कार्य प्रणाली से सभी परिचित है। शासन ने भी आदेश जारी किया गया है कि निलंबन उपरांत बहाल शिक्षकों को दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ किया जाए।लेकिन संयुक्त संचालक ने शासन के आदेश को दर किनार करते हुए शहर में स्थापना दे दिया है। जिस स्कूल में पद स्थापना दी गई है उसे वहां पर उसके लिए पद भी रिक्त नहीं है फिर भी वहां पर पदस्थ करने का क्या उद्देश्य है यह समझ से परे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *