बिलासपुर प्रेस क्लब की मांग पूरी : डिप्टी सीएम के वादे के बाद सरकार ने जारी किए 30.41 लाख रुपए

रायपुर/बिलासपुर। बिलासपुर के पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रेस क्लब भवन के जीर्णोद्धार और सजावट के लिए 30.41 लाख रुपए की अंतिम मंजूरी दे दी है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव से प्रेस क्लब के नए पदाधिकारियों की मुलाकात के महज कुछ ही दिनों के भीतर यह आदेश जारी कर दिया गया। इस राशि से ई राघवेन्द्र राव सभा भवन स्थित प्रेस क्लब में वाटर प्रूफिंग से लेकर शानदार फर्नीचर और बिजली का नया काम कराया जाएगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह कदम बिलासपुर नगर निगम के उस प्रस्ताव के बाद उठाया गया है जो पिछले साल अक्टूबर में भेजा गया था। हाल ही में प्रेस क्लब के निर्वाचित पदाधिकारियों ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मिलकर भवन की जर्जर हालत का मुद्दा उठाया था जिस पर साव ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया था।

भवन में क्या-क्या बदलेगा और क्या होंगे नए काम

सरकार से मिली 30.41 लाख रुपए की राशि का उपयोग प्रेस क्लब की सूरत बदलने में किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से छत की वाटर प्रूफिंग कराई जाएगी ताकि बारिश में टपकने की समस्या दूर हो सके। इसके अलावा अंदरूनी सजावट यानी इंटीरियर डिजाइनिंग वॉल पैनल फाल सीलिंग और नया फर्नीचर लगाया जाएगा। साथ ही पूरे परिसर में बिजली और नल फिटिंग का काम भी नए सिरे से होगा।
उपमुख्यमंत्री ने निभाया अपना वादा
प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा , पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा, वीरेन्द्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार मनी शंकर पांडेय प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहार , उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, कैलाश यादव, हरिकिशन गंगवानी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात की थी। साव ने उस वक्त कहा था कि पत्रकारों के लिए एक बेहतर और सुविधा संपन्न भवन होना बहुत जरूरी है। उन्होंने वादा किया था कि हफ्ते भर के भीतर प्रशासनिक मंजूरी मिल जाएगी और बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। आदेश जारी होने के बाद पत्रकारों ने सरकार की इस संवेदनशीलता पर खुशी जाहिर की है।

अफसरों को दी गई कड़ी हिदायत

नगरीय प्रशासन विभाग के संचालनालय ने नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि काम शुरू करने से पहले और खत्म होने के बाद की फोटो विभाग को भेजनी होगी। यदि नियमों का पालन नहीं हुआ तो इसके लिए आयुक्त व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। पत्रकारों ने बताया कि भवन का काम काफी समय से अटका हुआ था जिससे बैठकें और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में दिक्कतें आ रही थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *