बिलासपुर — महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम बदलने के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई रैली पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी पी सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बी पी सिंह ने कहा कि कांग्रेस विकास, पारदर्शिता और प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय केवल नाम की राजनीति कर रही है। अगर कांग्रेस को सच में चिंता है तो वे यह बताएं कि मनरेगा के मूल प्रावधान क्या हैं, उसमें भुगतान व्यवस्था कैसी है, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण कितना हुआ और वह वीबी जी राम जी मॉडल से कैसे बेहतर है कांग्रेस कभी तथ्य और तुलना पर बात नहीं करती।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की असली पीड़ा यह है कि नई व्यवस्था में ‘राम’ का नाम जुड़ रहा है। कांग्रेस को समस्या रोजगार से नहीं, ‘राम’ नाम से है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस की सोच क्या है और उसे भगवान राम के नाम से कितनी दिक्कत है,

पूर्व में मनरेगा के तहत कई जगह फर्जी मस्टर रोल, भ्रष्टाचार और भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई थीं। इसके विपरीत “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण” में डिजिटल मॉनिटरिंग, समयबद्ध भुगतान और स्थायी संपत्ति निर्माण पर जोर दिया गया है। जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, तालाब निर्माण और कृषि आधारित संरचनाओं से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार का उद्देश्य केवल 125 दिन का काम देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आय और सम्मानजनक रोजगार देना है। कांग्रेस को विरोध करने से पहले तथ्यात्मक तुलना करनी चाहिए, न कि केवल भावनात्मक राजनीति।भाजपा का मॉडल पारदर्शिता, जवाबदेही और ग्रामीण विकास पर आधारित है, जबकि कांग्रेस केवल नाम के मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

