राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में मंथन लगभग पूरा हो चुका है। सूत्रों की माने तो बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सीट के लिए 7 नामों के पैनल में से 3 नामों को अंतिम रूप दे दिया है। इनमें लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी का नाम शामिल हैं।
मातृशक्ति’ को प्राथमिकता दे सकती है पार्टी
राजनीतिज्ञ जानकारों का कहना है कि, पार्टी इस बार ‘मातृशक्ति’ को प्राथमिकता देने के मूड में है। ऐसे में लक्ष्मी वर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और महिला वर्ग में पकड़ को देखते हुए भाजपा इनके पक्ष में फैसला ले सकती है
नारायण चंदेल एवं डॉ कृष्णमूर्ति बांधी भी मजबूत दावेदार
नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी भी मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। दोनों का संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत है,
जहां तक नारायण चंदेल का सवाल है नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उनका कार्यकाल अच्छा रहा है लंबा राजनीतिक अनुभव है जबरदस्त वक्ता है मगर जांजगीर में हुए कई घटनाओं ने उनकी छवि में दाग लगाने का काम किया है
डॉ कृष्णमूर्ति बांधी की बात करें तो अनुसूचित जाति वर्ग से अच्छे खासे शिक्षित और राजनीतिक पृष्ठभूमि से मजबूत नेता है संगठन और सत्ता का लंबा राजनीतिक अनुभव है 2023 के चुनाव में अनुसूचित जाति बाहुल्य पट्टी की सभी 9 सीटों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है ऐसे में अगर भाजपा जाति गत समीकरण और 2028 के चुनाव को देखती है तो डॉ बांधी को मौका दे सकती है
सभी समीकरणों को देखा जाए तो लक्ष्मी वर्मा और डॉ कृष्णमूर्ति बांधी में से ही फैसला होना तय माना जा रहा है मगर भाजपा हमेशा अपने फैसलों से चौकाती रही है अब सबकी नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो देर रात्रि या कल किसी भी समय हो सकती है ।


