जिले में गौधाम विस्तार को मिली रफ्तार : 5 स्वीकृत, 12 नए प्रस्ताव लंबित, 19 प्रस्तावों पर हुआ अहम निर्णय

बिलासपुर, 8 अप्रैल 2026/जिला स्तरीय गौधाम समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में गौसंरक्षण और गौधाम संचालन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्वीकृत गौधामों के संचालन, नए प्रस्तावों की स्थिति और अपूर्ण आवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिए गए।

जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक जिला अध्यक्ष श्री धीरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, सदस्य श्री रमाकांत पांडे, श्री इतवारी धीवर, श्री रामकृष्ण साहू, डॉ. जी.एस. तंवर सचिव एवं संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं तथा डॉ. बी.पी. सोनी जिला नोडल अधिकारी, गौधाम योजना सहित विकासखंड स्तरीय समिति के पदाधिकारी और स्वीकृत गौधामों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 39 गौधामों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 गौधाम राज्य शासन द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 4 गौधाम वर्तमान में संचालित हैं, जबकि कनई खोंधरा का गौधाम शुरू होना शेष है। इसके अलावा 12 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनमें रहंगी, पराघाट, निरतू, नेवरा, छतौना, मौपका, लावर, किरारी भरनी, घुटकू, खजुरी नवागांव एवं काठाकोनी शामिल हैं।
बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। केवल विकासखंड कोटा के 3 प्रस्ताव पूर्ण होने पर उन्हें स्वीकृति हेतु अनुशंसित किया गया। इनमें लालपुर गौधाम (गिरजा बंद गौ सेवा समिति), कुरुवार गौधाम (ग्राम पंचायत कुरुवार) एवं खैरा गौधाम (ग्राम पंचायत खैरा) शामिल हैं। वहीं, ग्राम जाली की गोरी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालन में असहमति जताने तथा खैरा के भवानी महिला स्व सहायता समूह एवं श्री कृष्णा गौधाम सेवा समिति के प्रस्ताव अपूर्ण होने के कारण संबंधित प्रस्ताव निरस्त किए गए। लालपुर कोटा में भी दो आवेदनों में से गिरजा बंद गौ सेवा समिति के प्रस्ताव को पूर्ण पाए जाने पर अनुशंसित किया गया, जबकि बैगा बाबा आश्रम का आवेदन तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया।
बैठक में सुरभि गौधाम कनई खोंधरा एवं हरदी कला टोना में पशु शेड पूर्ण होने और संचालकों द्वारा संचालन की सहमति देने पर उनके संचालन को अनुमोदित किया गया।इसके अतिरिक्त लाखासर गौधाम में 201, ओकर में 86 तथा जैतपुर में 54 गायों के संरक्षण की जानकारी देते हुए इन स्थानों पर सेक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक में गौधामों के सुव्यवस्थित संचालन और गौवंश संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

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