दुर्ग में उठी दो अहम मांगें: सुखदेव राज की कर्मस्थली बने स्मारक, पेंशनर भवन हेतु राशि स्वीकृति की मांग तेज

ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण और पेंशनर हितों को लेकर सरकार से ठोस कदम की मांग

दुर्ग में ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण और पेंशनरों की सुविधाओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आवाज तेज हो गई है। इन दोनों मांगों को लेकर आज भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से उनके नया रायपुर स्थित आवास में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में संभागीय सचिव राजेश तिवारी, दुर्ग जिला महासचिव पी.आर. साहू एवं सुरेश साव शामिल रहे।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों मामलों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

पहले प्रकरण में क्रांतिकारी सुखदेव राज स्मृति समारोह समिति, दुर्ग ने महान स्वतंत्रता सेनानी सुखदेव राज की कर्मस्थली को संरक्षित कर स्मारक के रूप में विकसित करने की मांग उठाई। समिति ने बताया कि शहीद चंद्रशेखर आजाद के सहयोगी रहे सुखदेव राज का दुर्ग शहर से ऐतिहासिक संबंध रहा है और उन्होंने यहां रहकर स्वतंत्रता संग्राम की गतिविधियों का संचालन किया था।
वर्तमान में संबंधित भवन जर्जर अवस्था में है। समिति ने मांग की है कि मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के दौरान इस ऐतिहासिक भवन को सुरक्षित रखा जाए और परिसर में सुखदेव राज की प्रतिमा स्थापित कर इसे स्मारक के रूप में विकसित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से प्रेरणा मिल सके।

वहीं दूसरे प्रकरण में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ (जिला शाखा दुर्ग) ने पेंशनरों के लिए भवन निर्माण हेतु 6.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की मांग रखी। महासंघ ने बताया कि सैकड़ों पेंशनर सदस्यों के लिए नियमित बैठक एवं गतिविधियों के संचालन हेतु स्थायी भवन का अभाव है, जिसके चलते उन्हें कई बार खुले में बैठक करनी पड़ती है।
महासंघ ने पूर्व में भी कई बार आवेदन प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर वरिष्ठ नागरिकों को राहत प्रदान करेगी।
दोनों ही मुद्दों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने शीघ्र निर्णय की अपेक्षा जताई है, वहीं उपमुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद अब आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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