बिलासपुर — छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास और सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत आधार देते हुए अनेक महत्वपूर्ण पहलें लागू की हैं। सरकार का लक्ष्य सैनिकों के सम्मान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, तथा महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को ठोस शक्ति प्रदान करना है।

सैनिकों के सम्मान हेतु संकल्प
सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में रहने वाले सेवारत एवं पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
सैनिक कल्याण योजनाओं के दायरे को बढ़ाया गया है।
शहीद परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता व प्राथमिकता लाभ प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है।
रोजगार और शिक्षा में भी सैनिक परिवारों के लिए आरक्षित अवसरों को मजबूत बनाया जा रहा है।
यह कदम छत्तीसगढ़ को “सैनिकों के सम्मान हेतु संकल्पित राज्य” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दुधारू पशु प्रदाय योजना से समृद्ध होगा ग्रामीण अर्थतंत्र
किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दुधारू पशु प्रदाय योजना को लागू किया है।
पात्र ग्रामीण परिवारों को उच्च नस्ल के गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएँगी।
योजना का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।
पशुधन आधारित रोजगार के लिए प्रशिक्षण और पशु चिकित्सा सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जाएँगी।
यह योजना ‘‘समृद्ध ग्राम , सशक्त छत्तीसगढ़’’ की भावना को ग्रामीण स्तर पर शक्ति देने वाली मानी जा रही है।
महिला सशक्तिकरण : संपत्ति अधिकार से आर्थिक आत्मनिर्भरता

सुशासन सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए महिलाओं को संपत्ति पर अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है।
संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने को प्रोत्साहन।
संपत्ति हस्तांतरण में महिलाओं के नाम पंजीयन पर रियायत।
महिलाओं को स्वामित्व मिलने से बैंक ऋण, उद्यमिता और आर्थिक निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।
इस पहल से छत्तीसगढ़ की महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार व समाज में उनकी स्थिति और अधिक सशक्त होगी।

