डिजिटल प्रहार से बदली भूमि व्यवस्था, बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट—छत्तीसगढ़ विकास की नई उड़ान पर


बिलासपुर —छत्तीसगढ़ में साय सरकार की डिजिटल प्रहार पहल ने भूमि व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब जमीन का हर रिकॉर्ड 100% ऑनलाइन उपलब्ध है, जिससे किसी भी तरह की छेड़छाड़, धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े पर तुरंत रोक लग सकेगी। जमीन से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर तुरंत एसएमएस अलर्ट मिलने की सुविधा ने पारदर्शिता को और मजबूत किया है।
रजिस्ट्री के साथ ही आमंत्रण (इंटीमेशन) प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी, जिससे तहसील के चक्कर खत्म होंगे और जनता के हाथ में पूरी पारदर्शी व्यवस्था आएगी। यह नई प्रणाली न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि जमीन से जुड़े फर्जी खेलों पर भी सीधा ताला लगाएगी।
विकास का नया पैमाना—बेरोजगारी दर 2.3% पर
पीएलएफएस 2025 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने बेरोजगारी दर को घटाकर 2.3% तक ला दिया है। यह उपलब्धि बताती है कि सरकार की नीतियां गांव, गरीब, किसान और युवाओं तक असर दिखा रही हैं।
सरकार की योजनाएं निम्न क्षेत्रों में मजबूती से काम कर रही हैं—
खेती: आधुनिक तकनीक, सिंचाई विस्तार और समर्थन मूल्य से किसान सशक्त
स्वरोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन
कौशल विकास: युवाओं को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा
उद्योग: ऑटो, स्टील, फूड प्रोसेसिंग और MSME क्षेत्र में नए अवसर
इन सभी प्रयासों ने मिलकर रोजगार के नए द्वार खोले हैं और प्रदेश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाया है।
डिजिटल पारदर्शिता, मजबूत शासन, और जमीनी स्तर पर पहुंचती योजनाओं ने छत्तीसगढ़ की नई कहानी लिखनी शुरू कर दी है।
यह सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि अफसरशाही की कार्यशैली और जनता की बढ़ती सुविधा में भी साफ दिख रहा है।
इन सभी बातों के लिए और राज्य सरकार को राज्य में बेहतर विकास के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी अभिषेक घोरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद कहा

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