बिलासपुर। संघ कार्यालय, कॉलकर कुंज में आयोजित ‘नारी विमर्श चिंतन’ विषयक विशेष गोष्ठी में “मातृशक्ति की भूमिका : वर्तमान परिप्रेक्ष्य” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में संस्कार, समर्पण, सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात मंच पर विराजमान अतिथियों का मंच परिचय कराया गया तथा उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
स्वागत सत्र के बाद बिंदू कच्छवाहा ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण एकल गीत की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक भावनाओं से ओत-प्रोत कर दिया।
इसके उपरांत माननीय प्रदीप शर्मा जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि मातृशक्ति ही परिवार, समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने महिलाओं से अपने संस्कारों एवं मूल्यों के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का आह्वान किया तथा ऐसे वैचारिक आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।

मुख्य वक्ता डॉ. भारवि वैष्णव, प्रशासनिक अधिकारी, सीजी नर्सिंग कॉलेज रायपुर एवं धर्मजागरण महिला इकाई की प्रांत प्रमुख ने “मातृशक्ति की भूमिका : वर्तमान परिप्रेक्ष्य” विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, संस्कार और सामाजिक दायित्वों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उद्बोधन के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने परिवार, समाज, संस्कार, महिला नेतृत्व, शिक्षा एवं वर्तमान चुनौतियों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. भारवि वैष्णव ने सभी प्रश्नों का सरल, तार्किक एवं प्रेरणादायक उत्तर देकर उपस्थित मातृशक्ति का मार्गदर्शन किया।

पूर्णिमा पिल्ले द्वारा वंदे मातरम् गीत गाया गया और इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी मातृशक्ति का परिचय कराया गया, जिससे आपसी संवाद, आत्मीयता एवं संगठनात्मक समन्वय को और अधिक मजबूती मिली।
कार्यक्रम के अंत में अनामिका तिवारी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित मातृशक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की तथा कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।
यह आयोजन महिलाओं के वैचारिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ, जिसमें उपस्थित सभी महिलाओं ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम में श्रीमती लक्ष्मी साहू,प्रभा देवांगन,शशि देवांगन, दीपशिखा यादव, किरण सिंह, आनंदित वर्मा, सुमित्रा कोरी, पूर्णिमा पिल्ले, क्षमा सिंह,नीलम चौधरी, गरिमा सराफ, बिंदू कच्छवाहा, अंजना देवांगन, सरस्वती वर्मा,रेखा देवांगन, सीमा देवांगन, संगीता लांजेवार,कमलनी गुप्ता, डॉ पूनम सिंह, उज्जवल शर्मा, अनामिका तिवारी,नीलम देवांगन, मातृशक्ति की उपस्थिति रही

