बिलासपुर। तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदान महमंद में मंगलवार को जमकर बवाल मचा। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के मंडल मंत्री पुष्पेंद्र चौबे के घर में घुसकर दो युवकों ने मारपीट की। विवाद सोशल मीडिया पर हुई किसी बात को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी दिलदार खान और गुलजान खान के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की ढाल बने सरपंच पति और कुछ पंच पहुंच गए थाने…किसी के घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने जैसी गंभीर आपराधिक घटना में आरोपियों का खुल्लम-खुल्ला बचाव करने से पंचायत प्रतिनिधियों की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

थाने में आमने-सामने हुए दोनों पक्ष
भाजयुमो मंडल मंत्री पर हमले की खबर लगते ही भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा दिनभर थाने में दोनों पक्षों का जमावाड़ा लगा रहा देर शाम भाजपा नेता बी.पी. सिंह एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता तोरवा थाने पहुंच गए। भाजपाइयों ने पुलिस प्रशासन के सामने नाराजगी जताते हुए आरोपियों की तत्काल FIR कर गिरफ्तारी की मांग की।तब कहीं जाकर मामला दर्ज कर कार्यवाही की गई , थाने में मंगलवार देर शाम तक गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा।
हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हालात को बेकाबू होने से बचाया।
पिता से बदसलूकी, जान से मारने की धमकी
शिकायत के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे दिलदार और गुलजान पीड़ित पुष्पेंद्र के घर पहुंचे। उन्होंने गालियां देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। जब पुष्पेंद्र के पिता बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। हमले में किसी धारदार हथियार से पुष्पेंद्र के गर्दन, गाल और बाएं हाथ में चोटें आई हैं।
पुलिस ने किया मामला दर्ज..
तोरवा पुलिस ने मामले में FIR क्रमांक 0408/2026 दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत जुर्म पंजीबद्ध किया गया है।



थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बी पी सिंह भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कि मो ने बताया कि प्रदेश में विष्णुदेव के सुशासन की सरकार है प्रदेश में कानून का राज है कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है चाहे वो कितने ही रसूख वाला क्यों न हो , किसी के घर में घुस कर कानून तोड़ना, गुंडा गर्दी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है शासन प्रशासन अपनी कार्यवाही कानूनी ढंग से करेगा ।

