रायपुर— भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें आगामी 24 अगस्त को दुर्ग में आयोजित होने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के साथी रहे स्वर्गीय सुखदेव राज की स्थापित प्रतिमा के अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह को समारोह की तैयारियों एवं आयोजन के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सम्मान देने का यह महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने संगठन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों एवं क्रांतिकारियों के योगदान को स्मरण करना और उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ द्वारा पेंशनरों के हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य किए जाने की प्रशंसा की।
सुखदेव राज की स्मृति को सम्मान देने की पहल
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के निकट सहयोगी एवं साथी रहे स्वर्गीय सुखदेव राज की स्मृति में दुर्ग में स्थापित की गई प्रतिमा का अनावरण समारोह 24 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
महासंघ द्वारा इस आयोजन को ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी बताते हुए युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
प्रतिनिधिमंडल में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा, प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी एवं प्रवीण कुमार त्रिवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, बी.एस. दसमेर, आर.के. दीक्षित, अनिल पाठक, सालिक वर्मा, दुर्ग, बंछोर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाला यह समारोह स्वर्गीय सुखदेव राज के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ समाज में देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा की भावना को और मजबूत करेगा।

