
बिलासपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर उपजे विवाद के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। भाजपा युवा मोर्चा का आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा राष्ट्रगीत के दौरान किया गया व्यवहार राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान है। इसी मुद्दे को लेकर भाजयुमो ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की।
इसी के तहत भाजयुमो के आह्वान के अनुसार 16 अगस्त 2026, रविवार को शाम 6 बजे प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया प्रदर्शन के दौरान ‘वंदे मातरम् का अपमान, देश का अपमान’ और ‘राष्ट्रगीत का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया गया
पोस्टर में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए उन पर राष्ट्रगीत के कथित अपमान का आरोप लगाया गया है। भाजयुमो का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी कथित अनादर को लेकर देशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
यह विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बिलासपुर भाजपा मध्य मंडल मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए और कांग्रेस से स्पष्टीकरण तथा माफी की मांग की।
भाजयुमो ने अपने आह्वान में प्रदेश के सभी ऊर्जावान भाजपा कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्तों से जिला मुख्यालयों में आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। संगठन का कहना है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के लिए एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करना आवश्यक है।
गौरतलब है कि इसी मुद्दे को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में भाजपा और भाजयुमो द्वारा विरोध प्रदर्शन, आक्रोश मार्च और मशाल जुलूस आयोजित किए जाने की खबरें सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर में भी भाजयुमो ने ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया।
भाजयुमो का संदेश स्पष्ट है—राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रगीत के सम्मान के मुद्दे पर संगठन किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।

