
बिलासपुर। तुलसी जयंती के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले “तुलसी साहित्य विमर्श, कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, भजन संगीत एवं सम्मान समारोह-2026” की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आयोजन के विभिन्न पक्षों, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में डॉ. विनय पाठक ने आयोजन को गरिमापूर्ण एवं उद्देश्यपरक बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि तुलसी साहित्य की जीवन-दृष्टि और सांस्कृतिक चेतना को समाज एवं नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना ऐसे आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए ‘मानस विमर्श’ को आयोजन का केंद्रीय भाव बताया। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की रचनाओं में निहित लोकमंगल, मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन पर सार्थक विमर्श आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
डॉ. राघवेंद्र दुबे ने आयोजन को लेकर सकारात्मक भाव व्यक्त करते हुए इसे साहित्य, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया तथा आयोजन की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के संयोजक श्री विष्णु कुमार तिवारी ने प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन की तैयारियों, अतिथि सत्कार, साहित्यिक सत्र, कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
वहीं सह-संयोजक श्री दीपक दुबे ‘सागर’ ने आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखते हुए कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं जनसरोकारों से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
बैठक में डॉ. शत्रुघ्न जैसवानी एवं शीतल प्रसाद पाटनवर सहित आयोजन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को भव्य, गरिमामय एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
उल्लेखनीय है कि 19 अगस्त 2026, बुधवार को ओंकारेश्वर महादेव मंदिर परिसर, सागा ले आउट, शुभम विहार, बिलासपुर में आयोजित होने वाला यह समारोह तुलसी साहित्य, मानस चिंतन, काव्य, संगीत एवं सम्मान के माध्यम से भारतीय संस्कृति और साहित्यिक चेतना को समर्पित रहेगा।
आयोजन समिति ने साहित्यप्रेमियों, मानस अनुरागियों, कवियों एवं संस्कृति-साधकों से इस महत्वपूर्ण आयोजन में सहभागिता की अपील की है।

