जेन जी और जेन अल्फ़ा के साथ जेन सिल्वर को भी न भूलें” : प्रधानमंत्री को पेंशनर्स महासंघ ने भेजा ई-मेल


रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने देश के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त पेंशनरों की समस्याओं की ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्यान आकर्षित करते हुए विस्तृत पत्र ई-मेल के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा है।
पत्र में श्री नामदेव ने कहा है कि आज “जेन जी” और “जेन अल्फ़ा” जैसी नई पीढ़ियों की पहचान और उनके मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो रही है, लेकिन देश के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी सम्मानजनक पहचान देते हुए “जेन सिल्वर” के रूप में उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श में स्थान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त पेंशनर भी सामान्यतः 60 वर्ष से अधिक आयु के होते हैं और वे “जेन सिल्वर” वर्ग का अभिन्न हिस्सा हैं। इन पेंशनरों ने अपने सेवाकाल में देश एवं शासन व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन मुख्य रूप से पेंशन और महंगाई राहत (DR) पर निर्भर रहता है।
श्री नामदेव ने प्रधानमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि देश के कई राज्यों में पेंशनरों को महंगाई राहत का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। कई-कई महीनों का DR एरियर लंबित है और उसके भुगतान की कोई स्पष्ट एवं समयबद्ध व्यवस्था दिखाई नहीं देती। बढ़ती महंगाई के बीच महंगाई राहत में देरी से वरिष्ठ पेंशनरों की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
पत्र में वरिष्ठ नागरिकों की प्रमुख समस्याओं में स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक उपेक्षा एवं अकेलापन, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच तथा वृद्धजनों की सुरक्षा को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।
महासंघ ने प्रधानमंत्री से “जेन सिल्वर” के लिए राष्ट्रीय जागरूकता अभियान एवं समग्र नीति बनाने, वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा एवं कैशलेस चिकित्सा का दायरा बढ़ाने, पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करने तथा लंबित DR एवं अन्य पेंशन एरियर के भुगतान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
श्री नामदेव ने पत्र में कहा है कि “जेन जी” और “जेन अल्फ़ा” की चिंता के साथ “जेन सिल्वर” की चिंता भी समान प्राथमिकता से होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिक केवल संख्या नहीं, बल्कि देश के अनुभव, संस्कार, सामाजिक चेतना और लोकतांत्रिक व्यवस्था के जागरूक नागरिक हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों की जायज समस्याओं की लगातार उपेक्षा होती रही तो इसका सामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी दिखाई दे सकता है। इसलिए समय रहते इस वर्ग की समस्याओं का समाधान कर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकार दिलाना आवश्यक है।
वीरेन्द्र नामदेव ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार “जेन सिल्वर” वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों के हित में प्रभावी कदम उठाएगी।

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