नई दिल्ली। 5 जनवरी
डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया से एक बड़ा और भावुक मोड़ सामने आया है। द लल्लनटॉप के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने आधिकारिक तौर पर इस मंच से विदाई ले ली है। इसकी पुष्टि खुद सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए अपने ट्वीट से की।
सौरभ द्विवेदी ने ट्वीट में लिखा—
“शुक्रिया लल्लनटॉप, विदा लेता हूं तुमसे। बहुत आनंद और अनुभव मिला।”
इस एक पंक्ति ने ही मीडिया जगत में हलचल मचा दी है।
डिजिटल मीडिया के एक युग का अंत?
सौरभ द्विवेदी का नाम ‘द लल्लनटॉप’ के साथ पर्यायवाची बन चुका था। उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को परंपरागत पत्रकारिता से अलग, देसी भाषा, गहराई और संवेदनशील मुद्दों के साथ एक नई पहचान दी।
लल्लनटॉप न केवल युवाओं में लोकप्रिय हुआ, बल्कि ग्राउंड रिपोर्टिंग और सरल संवाद शैली के लिए जाना गया।
शांत विदाई, लेकिन गहरे संकेत
सौरभ द्विवेदी का ट्वीट भले ही संक्षिप्त और संयमित रहा हो, लेकिन इसके मायने बहुत गहरे हैं। उन्होंने किसी विवाद, मतभेद या कारण का उल्लेख नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह विदाई सम्मान और संतुलन के साथ हुई है।
मीडिया इंडस्ट्री में चर्चाओं का दौर
उनके इस कदम के बाद डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि—
क्या सौरभ द्विवेदी कोई नया मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करेंगे?
या फिर वे किसी नई भूमिका या प्रयोग की ओर बढ़ रहे हैं?
हालांकि इस पर अभी तक उन्होंने कोई संकेत नहीं दिया है।
लल्लनटॉप के लिए भी बड़ा मोड़
सौरभ द्विवेदी की विदाई को ‘द लल्लनटॉप’ के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मंच उनकी विचारधारा और पहचान को कैसे आगे बढ़ाता है।
सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं
ट्वीट के बाद पत्रकारों, पाठकों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भावुक संदेशों और शुभकामनाओं की बाढ़ ला दी है। कई लोगों ने इसे डिजिटल पत्रकारिता के एक अध्याय का समापन बताया है।
फिलहाल सौरभ द्विवेदी की अगली पारी को लेकर इंतजार जारी है, लेकिन इतना तय है कि उनका यह फैसला भारतीय डिजिटल मीडिया में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।


