कपिला गौ सेवा संस्थान द्वारा होली पर पर्यावरण और गौ संरक्षण की मिसाल– कंडों से होगा होलिका दहन

बिलासपुर — बिलासपुर में कपिला गौ सेवा संस्था की नई पहल

होली के पावन पर्व पर इस बार बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की शुरुआत हुई है सामाजिक संस्था कपिला गौ सेवा संस्थान ने नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों और जोन में अपील की है कि होलिका दहन के दौरान लकड़ी के स्थान पर गोबर से निर्मित कंडों का उपयोग किया जाए संस्था का मानना है कि यह कदम न केवल परंपरा के अनुरूप बल्कि पर्यावरण हित में भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा

संस्था की अध्यक्ष श्रीमती क्षमा सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होलिका दहन में बड़ी मात्रा में लकड़ी जलाई जाती है जिससे पेड़ों की कटाई बढ़ती है और पर्यावरण संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है यदि इसके स्थान पर गोबर से बने कंडों का उपयोग किया जाए तो इससे वृक्षों की रक्षा होगी ,प्रदूषण में कमी आएगी और गौ आधारित उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा उन्होंने कहा कि वृक्षों को बचाना ही हमारी पूंजी है और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है संस्था ने यह भी सुझाव दिया है कि मुक्तिधामों में अंत्येष्टि के दौरान लकड़ी के स्थान पर कंडों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए

जानकारी के अनुसार एक अंतिम संस्कार के लिए लगभग 365 कंडे पर्याप्त होते हैं जिसमें लकड़ी की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है संस्था का दावा है कि कंडे से निकलने वाला धुआं अपेक्षाकृत कम हानिकारक होता है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है

इस पहल को बिलासपुर नगर निगम की महापौर पूजा विधानी का भी समर्थन मिला है महापौर ने  इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए नगर निगम के लगभग सभी 70 वार्डों में कंडो के उपयोग के लिए नागरिकों को प्रेरित करने की बात कही है उन्होंने शहर वासियों से अपील की है कि वह इस मुहिम का हिस्सा बने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं

श्रीमती क्षमा सिंह विभिन्न सामाजिक दायित्वों से जुड़ी है वह WICCI  छत्तीसगढ़ जेसल्स रिफॉर्म्स काउंसिल की स्टेट प्रेसिडेंट, रॉयल राजपूत संगठन की संभाग अध्यक्ष तथा विश्व हिंदू परिषद के व्यापार प्रकोष्ठ की प्रदेश मंत्री है संस्था द्वारा जेल की गौशाला में कंडे एवं गौ कास्ट निर्माण की योजना भी बनाई गई है जिसमें महिला बंदियों को रोजगार से जोड़कर उनके पुनर्वास और परिवारों की आर्थिक सहायता का प्रयास किया जाएगा

संस्था पदाधिकारी ने जानकारी दी की नागपुर के कई श्मशान घाट में पहले से ही गोबर के कंडों का उपयोग किया जा रहा है जिससे लकड़ी की खपत में कमी आई है बिलासपुर में भी इसी मॉडल को अपनाकर शहर को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक उदाहरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है

कार्यक्रम के दौरान डॉ संगीता बनाकर ,आर एस बिंदराज, प्रेमलता बिंदराज और अजीता पांडेय सहित अन्य उपस्थित रहे सभी वक्ताओं ने इस पहल को सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से  इसमें सहभागिता की अपील की

होली के उत्सव के बीच कपिला गौ सेवा संस्थान की यह पहल परंपरा और प्रकृति के संतुलन का संदेश दे रही है यदि शहर वासी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं तो यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा बल्कि गौ संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का भी सशक्त उदाहरण बनेगा

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