रायपुर —– भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा कई माह पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों को केन्द्र के समान जुलाई 25 से 3% महंगाई भत्ता (डीए) देने का आदेश जारी कर दिया गया है, जबकि राज्य सेवा के कर्मचारियों को 6 माह बाद जनवरी 26 से महंगाई भत्ता देने का आदेश छत्तीसगढ़ शासन से जारी किया जा चुका है जबकि पेंशनरों को अब तक इससे वंचित रखा गया है। यह स्थिति शासन की पेंशनरों के साथ स्पष्ट भेदभाव को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि लगभग छह माह पहले से IAS अधिकारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिल रहा है, लेकिन राज्य सेवा के कर्मचारी को जनवरी 26 से लाभ मिल रहा है और पेंशनर अपने महंगाई राहत के वैध अधिकार के लिए इंतजार कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में महंगाई भत्ता जीवन निर्वाह की मूल आवश्यकता है और इसका लाभ पहले राज्य के वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को मिलना चाहिए।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य सेवा के पेंशनरों के लिए भी 3% डीए/डीआर का आदेश 01 जुलाई 2025 से प्रभावशील करते हुए तत्काल जारी किया जाए।

