बिलासपुर —छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और बस्तर अंचल में दशकों बाद वह कार्य शुरू हुआ है जिसे कभी असंभव माना जाता था। प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन ने इस दुर्गम इलाके की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
497 गांवों में पहली बार राजस्व सर्वे – ऐतिहासिक शुरुआत
अबूझमाड़ क्षेत्र को वर्षों से “अबूझ” यानी असमझा, अनछुआ, अप्रवेशनीय माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है।
पहली बार 497 गांवों में राजस्व सर्वे की शुरुआत हुई है।
यह सर्वे जमीन के अधिकार, नक्शा, खसरा-खतौनी और कानूनी दस्तावेज तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक क्रांति है।
इससे आदिवासी परिवारों को जमीन का वैध अधिकार, सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच और भविष्य के विकास कार्यों में तेजी मिलेगी।
यह कदम न केवल प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे अबूझमाड़ मुख्यधारा में जुड़ने की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति करेगा।
महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता – अब तक 16,881 करोड़ सीधे खातों में
राज्य सरकार पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दे रही है।
अब तक 26 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
कुल राशि ₹16,881 करोड़ सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
यह वित्तीय सशक्तिकरण महिलाओं को घर की आर्थिक निर्णय-प्रक्रिया में मजबूत भूमिका दे रहा है।
इस योजना से महिलाओं की आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक स्थिरता में बड़ा सुधार देखा जा रहा है।
अबूझमाड़ अभियान से बदलेगी तस्वीर
इन सभी बातों के लिए और राज्य के बेहतर विकास के लिए भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा सोशल मीडिया प्रभारी अभिषेक घोरे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को कोटि-कोटि धन्यवाद कहा


