भारतीय ज्ञान परंपरा के कसौटी पर विकलांग विमर्श का पुनर्मुल्यांकन विषयक बीसवीं राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न,भारतीय ज्ञान परंपरा में विकलांगता के लिये सकारात्मक सोच रही है: डाॅ पाठक


बिलासपुर । अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् द्वारा ” भारतीय ज्ञान परंपरा में विकलांग विमर्श का पुनर्मुल्यांकन विषयक बीसवीं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन शासकीय महाविद्यालय दीपका जिला कोरबा में आयोजित किया गया ।
स्वागत भाषण में डाॅ ममता ठाकुर प्राचार्य ने महाविद्यालय के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए आयोजन की जानकारी दी गई ।
यह आयोजन डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार के मुख्य आतिथ्य में न्यायमूर्ति श्री चन्द्रभूषण वाजपेयी जी की अध्यक्षता में डाॅ अर्चना मिश्रा ज्वाइंट कमिश्नर , मदनमोहन अग्रवाल राष्ट्रीय महामंत्री एवं डाॅ ममता ठाकुर प्राचार्य के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ विनय कुमार पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विकलांग विमर्श का चित्रण सकारात्मक ढंग से हुआ है क्योंकि सकारात्मक सोच से ही पारिवारिक सामाजिक चेतना जागृत हो सकती है और इसी चेतना जागृत करने का राष्ट्रीय अभियान अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् द्वारा विभिन्न बीस स्थानों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों के माध्यम से चलाया जा रहा है । अध्यक्षीय उदबोधन में न्यायमूर्ति श्री चन्द्रभूषण वाजपेयी जी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन वास्तव में प्रशंसनीय प्रयास है इससे जहाँ युवा पीढ़ी की सोच बदलेगी वहीं सकारात्मक चेतना जागृत करने में सहायक सिद्ध होगी । चारों तकनीकी सत्र का सफल संचालन सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ गजेन्द्र तिवारी एवं डाॅ जे सी देवांगन ने किया ।
इस अवसर प्रथम तकनीकी सत्र के अवसर पर डाॅ राम शंकर भारती झाँसी की अध्यक्षता एवं डाॅ अर्चना मिश्रा डाॅ पायल लिलहारे निमाड़ी के विशिष्ट आतिथ्य में यागिनी तिवारी,मणिशंकर दुबे, डा पायल लिल्हारे निमाड़ी,डाॅ ममता ठाकुर, डा अर्चना मिश्रा, डा संजीव कुमार राठौर ,डा राम शंकर तिवारी झांसी सत्राध्यक्ष ने अपने विचार व्यक्त किये ।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डा रजनी प्रभा पटना, डाॅ लिप्सा पटेल , डाॅ भूपेन्द्र धर दीवान ओडिशा के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । ,
तृतीय तकनीकी सत्र डा रमेश चन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता डा विष्णु कुमार तिवारी एवं डा प्यारे लाल आदिले जी के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
चतुर्थ तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डाॅ हर्ष पाण्डेय ने किया एवं डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे एवं डाॅ संजीव कुमार राठौर तथा मृगेश यादव के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर आये हुए विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र छात्राओं ने अपने महत्वपूर्ण आलेखों का पठन किया । आभार प्रदर्शन डाॅ संजीव कुमार राठौर ने किया । इस अवसर पर समस्त अतिथियों द्वारा डाॅ पायल लिलहारे की कृति का विमोचन एवं उनका सम्मान किया वहीं सभी सहभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।

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