बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के खमतराई में स्थित प्राचीन तालाब पर अतिक्रमण और मलबा डंपिंग का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। सीएमपीडीआई कॉलोनी के सामने मुख्य मार्ग से लगे इस तालाब को बचाने ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि असामाजिक तत्व सुनियोजित तरीके से तालाब में कचरा, प्लास्टिक और मलबा डालकर उसे पाटने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बाद में वहां प्लॉटिंग कर जमीन बेची जा सके। मामले ने अब बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के विकास और संरक्षण व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला प्रतिनिधित्व करते हैं।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि खमतराई का यह तालाब वर्षों पुराना है और क्षेत्र की “जीवन रेखा” माना जाता है। स्थानीय लोग यहां निस्तारी, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करते हैं। तालाब की वजह से आसपास का भूजल स्तर बना रहता है और सीएमपीडीआई कॉलोनी, सोनगंगा कॉलोनी तथा रामाग्रीन सिटी समेत आसपास के क्षेत्रों के ट्यूबवेलों में पानी उपलब्ध होता है। तालाब किनारे लगे पुराने छायादार और फलदार पेड़ भी पर्यावरण संतुलन का बड़ा आधार हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से कुछ लोग तालाब की मूल स्थिति से छेड़छाड़ कर रहे हैं। तालाब में लगातार गंदगी, प्लास्टिक और कचरा डंप किया जा रहा है। इससे न केवल तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है, बल्कि आसपास के ट्यूबवेलों की पानी की गुणवत्ता भी खराब होने लगी है। लोगों का कहना है कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, ताकि तालाब को धीरे-धीरे पाटकर कृत्रिम जमीन तैयार की जा सके।
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि तालाब के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पहले ही एसईसीएल और सीएमपीडीआई की सीएसआर योजना के तहत प्रस्तावित हो चुका है। इसके बावजूद तालाब की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में तालाब पूरी तरह खत्म हो सकता है।
ज्ञापन में सोनम ध्रुव,श्यामा बाई ध्रुव, ईश्वरी ध्रुव, रामेश्वरी ध्रुव, इतवारा ध्रुव, राजमती ध्रुव, राजभमरा ध्रुव, पूलबाई जायसवाल, सुबिता, सिया ध्रुव, सीता गुप्ता, विमला ध्रुव, सूरज जायसवाल, इमईशा, सत्यभामा जायसवाल, ममता ध्रुव, रामशीला ध्रुव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब को तत्काल संरक्षण देने, अतिक्रमण रोकने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे मामले ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि एक तरफ जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ खुलेआम तालाबों को पाटने की कोशिशें हो रही हैं। अब निगाहें प्रशासन और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की सक्रियता पर टिक गई हैं कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

