
●गुजरात साहित्य अकादमी गांधीनगर द्वारा आंचलिक साहित्य के लेखन के लिए वसन्ती वर्मा को साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि।
बिलासपुर । प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा वसंती वर्मा को हिंदी साहित्य अकादमी गांधीनगर अहमदाबाद (गुजरात ) द्वारा साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान किए जाने के उपलक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन होटल बंसी वाला के सभागार में किया गया। यह आयोजन न्यायमूर्ति डाॅ चंद्रभूषण वाजपेई के मुख्य आतिथ्य डॉ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार की अध्यक्षता, डॉ विनोद कुमार वर्मा तथा श्री विष्णु कुमार तिवारी के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई ने संबोधन में कहा कि “श्रीमती वसंती वर्मा ने छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह-” मोर अंगना के फूल” “(2012 ) को विमर्श के साथ प्रकाशित करके प्रथम बार जो उपलब्धि हासिल की उस परिप्रेक्ष्य में उनके अवदान को उल्लेखनीय निर्दिष्ट करते हुए उन्हें हिंदी साहित्य अकादमी गुजरात ने साहित्य वाचस्पति की जो मानद् उपाधि प्रदान की है इस उपलक्ष्य में बिलासपुर के हम साहित्यकारों व सुधी जनों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन समसामयिक है।” अध्यक्षता की आसंदी से डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि “एक छत्तीसगढ़ी कवयित्री के रूप में वसंती वर्मा ने जो पहचान स्थापित की है, तथा डॉ विनोद कुमार वर्मा के साथ मिलकर विमर्श सहित जो प्रथम काव्य संग्रह प्रकाशित किया है, उससे वह चर्चित एवं यशस्वी रही हैं। हिंदी साहित्य अकादमी गुजरात द्वारा उन्हें साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मान मिलना छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव का विषय है ।”

डॉ विनोद कुमार वर्मा ने अपने वक्तव्य में गुजरात साहित्य अकादमी के रजत जयंती समारोह की चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें प्रमुख अतिथि बनाकर उनके व्याकरणाचार्य के रूप में हिंदी और छत्तीसगढ़ी के संपूर्ण व्याकरण के लिए राजभाषा रत्न से सम्मानित करना और साथ में वसंती वर्मा को साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान करना उनके लिए यादगार दिवस रहा है। वहीं विष्णु कुमार तिवारी ने प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी से जुड़े लोगों की श्रृंखला में वसंती वर्मा के योगदान को प्रासंगिक निरूपित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन और मानसी खंडेलवाल के सरस्वती वंदना से आरंभ हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने 60 वर्षों से सतत् सक्रिय प्रयास प्रकाशन सहित्य अकादमी की उपलब्धि का ब्यौरा दिया। कवयित्री वसंती वर्मा को श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों ने जहां सम्मानित किया , वहीं डॉ गजेंद्र तिवारी ने अभिनंदन पत्र भेंट करके उन्हें

सम्मानित किया । इसी क्रम में स्वदेश के संपादक विदेश दीक्षित, न्यूजहब इनसाइट केयर फाउन्डेशन के निदेशक पंकज खंडेलवाल, अंतर्राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना आंचल पांडे ,अग्रहरि समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी रोशन गुप्ता, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ एन के चौरे और मंजू चौरे, डॉ श्वेता कश्यप, राहुल वर्मा, ज्योति गभेल, सविता गभेल, समाज सेवी रीना झा, सृष्टि सिंह, यामिनी तिवारी, गहोई वैश्य समाज के डाॅ व्ही के गुप्त, संस्कार भारती से राजेश कुमार सोनार एवं उपस्थित साहित्यिक समितियों एवं नागरिक जनों ने श्रीमती वसंती वर्मा का सम्मान किया। सम्मान समारोह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती हुई श्रीमती वसंती वर्मा ने अपनी साहित्य की यात्रा का विवरण देती हुई एक प्रतिनिधि कविता सुनाकर वातावरण को सरस बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ राघवेंद्र कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर जिन लोगों की उपस्थिति उल्लेखनी रही उनमें डाॅ सत्यनारायण तिवारी, डाॅ गजेन्द्र तिवारी, डाॅ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, शीतल प्रसाद पाटनवार, पंकज खंडेलवाल, आँचल पाण्डेय, डाॅ एन के चौरे , श्रीमती मंजू चौरे, शालिनी कश्यप, सावित्री कश्यप, एन के शुक्ला, राकेश खरे, तेरस यादव, रोशन गुप्ता, यागिनी तिवारी, भूपेन्द्र धर दीवान, ध्रुव देवांगन, राजेश सोनार, तरूण राठौर प्रमुख रहे।


