रायपुर— भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन से सौजन्य भेंट कर पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण लंबित विषयों पर लगभग एक घंटे तक विस्तृत चर्चा की। इस दौरान महासंघ द्वारा प्रत्येक विषय पर पृथक-पृथक ज्ञापन प्रस्तुत कर आवश्यक कार्यवाही की मांग की गई।
महासंघ द्वारा जिन प्रमुख विषयों को मुख्य सचिव के समक्ष रखा गया, उनमें मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) को हटाने हेतु छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित करने, पेंशनर कल्याण मंडल के पुनर्गठन एवं नियमित संचालन, पेंशनर कल्याण निधि नियमों का पुनरीक्षण कर सहायता राशि में वृद्धि, केंद्र सरकार के अनुरूप 01 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डी.आर.) की स्वीकृति एवं एरियर सहित भुगतान, तथा न मांग–न जांच प्रमाणपत्र के नाम पर पेंशन रोके जाने की प्रवृत्ति पर रोक जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे।
इसके अतिरिक्त महासंघ ने राज्य के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने, 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक सहायक सहित निःशुल्क बस यात्रा संबंधी शासन आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, सभी संभाग एवं जिलों में पृथक पेंशन कार्यालय स्थापित करने, सेवानिवृत्ति के दिन ही समस्त वैध देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने, ई-पेंशन कार्ड जारी कर उन्हें ई-कोष लाइट एप में अपलोड करने, तथा उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुरूप पात्र पेंशनरों को लाभ एवं लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि ये सभी विषय लंबे समय से लंबित हैं तथा इनके निराकरण से लाखों पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पेंशनर समाज अपने वैधानिक अधिकारों एवं सम्मानजनक जीवन से जुड़े इन मुद्दों के समाधान की अपेक्षा शासन से लंबे समय से कर रहा है।
मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत सभी ज्ञापनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया तथा संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक परीक्षण एवं त्वरित कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने पेंशनरों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को व्यवस्थित रूप से शासन के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल की सराहना करते हुए धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
महासंघ ने मुख्य सचिव के सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि प्रस्तुत सभी विषयों पर शीघ्र निर्णय लेकर पेंशनरों को राहत प्रदान की जाएगी।
मुख्य सचिव से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे. पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा तथा दैनिक वेतनभोगी पेंशनर्स कल्याण प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल पाठक प्रमुख रूप से शामिल थे।
जारीकर्ता :
वीरेन्द्र नामदेव
प्रांताध्यक्ष
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश

