बिलासपुर। समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए ब्राह्मण समाज एवं वसुंधरा क्लब की महिलाओं ने एक निर्धन कन्या के विवाह के लिए आर्थिक एवं आवश्यक घरेलू सामग्री उपलब्ध कराकर सराहनीय पहल की। समाज के इस सहयोग से जरूरतमंद परिवार की बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।

जानकारी के अनुसार, कन्या काजल की माता राधिका गोडपारा रामचंद्र वॉर्ड में निवास करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण राधिका घर-घर जाकर काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। बेटी के विवाह की जानकारी मिलने पर ब्राह्मण समाज की प्रमुख मीनू दुबे एवं अर्चना तिवारी ने समाज की महिलाओं के साथ बैठक कर सहयोग का निर्णय लिया।

इसके बाद सभी महिलाओं ने एकजुट होकर कन्या के विवाह के लिए आवश्यक सामग्री एकत्रित की। इस अवसर पर सभी ने कहा कि समाज का दायित्व केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की हरसंभव सहायता करना भी हमारा कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य निरंतर किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान अर्चना तिवारी की समाजसेवा की भावना की भी सराहना की गई। उपस्थित महिलाओं ने कहा कि वे सदैव समाज हित और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए अग्रणी भूमिका निभाती हैं।

ब्राह्मण समाज एवं वसुंधरा क्लब द्वारा कन्या को विवाह के लिए 18 साड़ियां, एक घाघरा-चूड़ी सेट, एक सूट, एक डिनर सेट, एक सीलिंग फैन, 50 किलो चावल, 20 किलो आटा, 50 बर्तनों का सेट, 15 सुहाग पिटारा सेट, ट्रॉली बैग, हैंड पर्स, चांदी की बिछिया, भगवान श्रीराम की चांदी की प्रतिमा, चादर तथा 5100 रुपये की नगद राशि भेंट की गई।

इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं ने समाज में सेवा, सहयोग और एकता का संदेश देते हुए कहा कि “बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, यदि सभी लोग एक-दूसरे का हाथ थाम लें तो किसी भी जरूरतमंद की सहायता करना कठिन नहीं रहेगा।”
इस सेवा कार्य में प्रमुख रूप से मीनू दुबे, अर्चना तिवारी, प्रेमलता दुबे, शोभा त्रिपाठी, संजना मिश्रा, रश्मि लता मिश्रा, मंजू मिश्रा, रीना झा, संगीता तिवारी, ज्योत्सना, शशि तिवारी, ममता मिश्रा, किरण बाजपेयी, अनिमा मिश्रा, सुषमा गुप्ता, रेनू गुप्ता, रेखा विश्वकर्मा, उषा मुदलियार, हंसा, सलमा, मंजुला शिंदे, पूनम सहित ब्राह्मण समाज एवं वसुंधरा क्लब की अनेक महिलाओं ने सहयोग प्रदान किया। आयोजकों ने बताया कि यह सूची पूर्ण नहीं है, समाज की अनेक बहनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग देकर इस पुनीत कार्य को सफल बनाया।


