विभाजन की विभीषिका को किया याद, एकता और अखंडता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
बिलासपुर, 14 अगस्त 2026/केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में आज बिलासपुर के पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को स्मरण किया गया। विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी के माध्यम से उस दौर की भयावह परिस्थितियों को सामने रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि 14 अगस्त केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की पीड़ा और संघर्ष को याद करने का दिन है, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपना घर, परिवार, संपत्ति और जन्मभूमि तक छोड़ने का दर्द झेला।
आजादी के पीछे शहादत और संघर्ष को हमेशा याद रखें : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि देश की आजादी अनगिनत बलिदानों और संघर्षों के बाद मिली है। स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीरों ने देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। हमें उनके त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है। साहित्य, विज्ञान, शोध सहित अनेक क्षेत्रों में भारत ने विश्व को दिशा दी है और आज देश तेजी से प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग होना होगा। जल संरक्षण, पौधरोपण, बुजुर्गों की सेवा, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए। श्री साहू ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने सभी से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
विभाजन का दर्द याद रखना जरूरी : बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक
बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि 14 अगस्त केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं, बल्कि देश के इतिहास की उस त्रासदी को याद करने का दिन है, जिसमें करोड़ों लोगों ने पीड़ा झेली। विभाजन के दौरान लोगों को अपना घर, परिवार, खेत-खलिहान और संपत्ति छोड़कर अनजान रास्तों पर विस्थापित होना पड़ा। अनेक परिवार बिछड़ गए और महिलाओं तथा बच्चों को भी अत्याचार एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां विभाजन के दर्द और उसके दुष्परिणामों को समझ सकें। अतीत को याद करते हुए हमें देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करना है तथा ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों, इसके लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भारत आज सामरिक शक्ति, आर्थिक शक्ति, कृषि, शिक्षा और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। हमें एकता के सूत्र में बंधकर राष्ट्र और समाज के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
बलिदानों से मिली आजादी, विकसित भारत बनाना हमारी जिम्मेदारी : कलेक्टर
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि देश की आजादी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। विभाजन की विभीषिका हमें देश की एकता और अखंडता का महत्व समझाती है। उन्होंने कहा कि अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करे और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।
टीबी और नशे के विरुद्ध विद्यार्थियों ने दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान माय भारत संगठन से जुड़े गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के एनएसएस विद्यार्थियों ने टीबी और नशे के विरुद्ध जागरूकता पर आधारित नाटक का मंचन किया। प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने टीबी की रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार तथा नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक किया। नाटक के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने विभाजन की विभीषिका में प्रभावित लोगों और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया। साथ ही देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

