बिलासपुर। लिंगयाडीह में गरीब परिवारों के आवास को हटाने के विरोध में चल रहा लिंगयाडीह बचाओ आंदोलन रविवार को 108वें दिन भी जारी रहा। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भी बड़ी संख्या में महिलाएं धरना स्थल पर डटी रहीं और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहीं।
धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनके घरों को तोड़कर वहां व्यावसायिक परिसर और गार्डन बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके विरोध में पिछले 108 दिनों से क्षेत्र की महिलाएं और स्थानीय लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
धरना दे रही महिलाओं ने कहा कि जब तक सरकार या प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी स्वयं उनके बीच आकर यह भरोसा नहीं दिलाते कि उनके घरों को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान पार्षद दिलीप पाटिल ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर महिलाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरा देश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर इस देश के एक छोटे से कस्बे में महिलाएं अपने घर बचाने के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
आंदोलन में श्रीमती यशोदा पाटिल, कुंती तिवारी, डॉ. रघु साहू, साखन दरवे, भोला राम साहू, प्रशांत मिश्रा, श्रवण दास मानिकपुरी, चतुर सिंह यादव, सिद्धार्थ भारती, आदर्श सिद्धार्थ, दिनेश घोरे, डॉ. अशोक शर्मा, रूपेश साहू, ओंकार साहू, गोपी देवांगन, गोलू देवांगन, अग्नू साहू और सलीम मेमन सहित कई प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।
वहीं आंदोलन में मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। धरने में रामबाई, राधा साहू, रामौतिन, सूरजबाई, कुमारी निषाद, संतोषी यादव, कुंती प्रजापति, चमेली रजक, जानकी गोड, फुल बाई साहू, पिंकी देवांगन, अनिता पाटिल, उर्मिला पाटिल, लीला पाटिल, रूपा सरकार, सरस्वती देवांगन, पुष्पा देवांगन, लता देवांगन, राजकुमारी देवांगन, मथुरा सूर्यवंशी, जमुना सूर्यवंशी, सनी अहिरवार, चंद्रमा अहिरवार, जयकुमार अहिरवार, पीहरिया केवट, सोन बाई, कुंडिया केवट, सोनिया केवट, नंदनी ध्रुव, पिंकी बाई चौहान, प्रमिला ध्रुव, रानी देवांगन, साधना यादव, चंद्रकली निषाद, सीता साहू, सुशीला साहू, सुवासिन साहू, कुमारी यादव, अमेरिका श्रीवास, नंद कुमारी देवांगन, अनीता ध्रुव, रूपा देवी, गायत्री देवांगन, सहोदर गोड, सीता केवट, जानकी देवांगन, सोनिया मानिकपुरी, कौशल्या मानिकपुरी, मालती मानिकपुरी, मरजीना बेगम, सरस्वती यादव, वंदना डे, खोलबहरीन यादव, अनूपा श्रीवास, सुशीला श्रीवास, रामबाई मानिकपुरी, दुर्गा श्रीवास, सावित्री यादव, सुखमति मानिकपुरी, मीरा, शिवकुमारी देवांगन, अर्पणा पटेल, हेमलता देवांगन, सरिता राजपूत, मालती यादव, संतोष सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक सर्वदलीय महा-धरना आंदोलन में शामिल रहे।
धरना दे रहे लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

