बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं म्यूल अकाउंट नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दिनांक 29 मई 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति तितली चौक स्थित एसबीआई बैंक, तोरवा के आसपास लोगों से बैंक पासबुक एवं खाता संबंधी जानकारी मांग रहा है तथा इसके बदले कमीशन देने का प्रलोभन दे रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर संदिग्ध व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ के दौरान उसकी पहचान प्रियांशु वस्त्रकार के रूप में हुई। उसके कब्जे से प्राप्त मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें कई व्यक्तियों के बैंक खातों, पासबुकों एवं खाता विवरणों के फोटो एवं जानकारी सुरक्षित मिली। विस्तृत पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अनिल गजभिये के साथ मिलकर लोगों से बैंक खाते एवं पासबुक एकत्रित करता था।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधों एवं धोखाधड़ी में किए जाने हेतु उपलब्ध कराने की गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी म्यूल अकाउंट नेटवर्क के माध्यम से साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे थे।
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पुलिस की कार्रवाई
प्रकरण में दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। दिनांक 30 मई 2026 को आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस द्वारा आरोपियों के मोबाइल फोन एवं डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है तथा उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संभावित साइबर ठगी नेटवर्क के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी है

